"किताब दान" एक अभियान

 "ज्ञान बांटने से बढ़ता है. इसलिए पुस्तक को जितने लोग पढ़ेंगे उतना फायदा होगा." 

ये पंक्ति पूर्णिया के जिला पदाधिकारी राहुल कुमार जी ने किताब" दान" अभियान को आरंभ करते वक्त कहा था। 


क्या है इस अभियान का उद्देश्य?


1. ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालयों का निर्माण, जहां बैठकर लोगो को पढ़ने का मौका मिले और अगर चाहें या जरूरत हो तो किताब घर भी ले जा सके।


2. लोगों के घरों में बेकार पड़ी पुस्तकें जरूरतमंदों तक पहुंच सके 


3.पूर्णिया जिले के सभी 230 पंचायतों में पुस्तकालय की शुरुआत जिसमे पांच सौ से अधिक किताबे होंगी 


वर्तमान समय में इस अभियान ने अपने सभी उद्देश्यों को लगभग पूरा कर लिया है।


जिले में इस अभियान का जबरदस्त असर दिख रहा है. अब तक हजारों लोगोंं ने डीएम साहब के अपील पर लाखों पुस्तकें दान में दी हैं।


डीएम राहुल कुमार ने कहा है पांच सितंबर 2021 को सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे तक जिले के सभी शिक्षा केन्द्रों एवं प्रखंडों में बीआरसी भवन में किताब संग्रह अभियान चलाया जायगा जहां आके लोग पुस्तके दान कर सकते है। 

उन्होंने साथ ही कहा कि अच्छे पुस्तकालयों को पुरस्कृत किया जाएगा एवं प्रखंड स्तर पर पुस्तकालयों में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। लाइब्रेरी के सफल संचालन के लिए हर पंचायत में एक कमेटी की स्थापना की गई है। 300 लोगों को चार दिनों की ट्रेनिंग भी दी गई। इसके लिए बाहर से लाइब्रेरी एक्सपर्ट्स को बुलाया गया। 


किताब दान अभियान (Book Donation campaign) अपने आप में एक अनूठी पहल है। जो पूर्णिया से शुरू होकर पूरे देश के लिए एक प्रेरणा साबित होगी। हाल ही में भारतीय फिल्मों के चर्चित कलाकार श्री पंकज त्रिपाठी जी ने इस अभियान के पहल के लिए डीएम राहुल कुमार को ट्वीटर पे शुभकामनाएं दी हैं। 


किताबे भविष्य बनाती है। शहरों में जहां प्राइवेट पुस्तकालय होते है वहीं गांव में अब मुफ्त पुस्तकालय होगा। जहां समाज का हर वर्ग पढ़ेगा और निमार्ण का हिस्सा बनेगा इस पहल के लिए डीएम राहुल कुमार कि जितनी तारीफ़ की जाए कम है। जिन्होंने ऐसे ही कई अनूठे कार्यों को करके जिला पदाधिकारी के पद को सुशोभित और परिभाषित किया है।


Comments