Posts

Showing posts from September, 2021

गांधी भूत से भविष्य तक

मेरा बचपन से सपना था की खुद को गांधी जी के करीब महसूस करूं, सामने राजघाट में यहां जिस विचारक की स्मारक है। वो अपने आप में विश्वव्यापी भारत की पहचान है, जब एक अकेला प्लेट एशिया महाद्वीप से टकराया उस इतिहास से चल कर ढेरों सभ्यता, धर्म, ज्ञान, विचार बहुत सालों के सफ़र के बाद एक केंद्र में समाने की कोशिश की वो आत्मा का केंद्र गांधी थे। भारत क्या है, एक देश, एक बाजार, नहीं भारत एक ख़्वाब है,एक सपना, जहां हर कोई अपने रंग में खुश और खिलखिलाता दिखता है। ये गांधी का हिन्द स्वराज है। आज़ादी से 20 वर्ष पहले ही गांधी जी ने खुद को कांग्रेस से अलग कर के भारत के पुनः निर्माण में रचनात्मक कार्यों में वर्धा वास में रहकर जूट गए, गांधी के बनाए ढांचों को आज मोदी सरकार सारे रूप में अपना रही है। स्वदेशी, बेसिक शिक्षा, सब गांधी की नीतियां है। गांधी भारत का भूतकाल भी है, वर्तमान भी है, भविष्य भी है। गांधी व्यक्ति नहीं है ये एक प्रयोगशाला है, जिन्होंने ढेरों परिणाम दिए, बिना किसी नोबेल पुरस्कार के , गर्व से कह सकते है आप हमारे राष्ट्रपिता है।  गांधी भगवान नहीं थे उन्हें इस बात से गुस्सा भी आता था जब कोई उन...